Saturday, May 30, 2009

आज भारत में कही लोग एशे हे जिसको पहने के लिए कपडा नहीं हे और कही लोग ऐसे हे जिस के पास हे लेकिन पहनते नहीं हे उनका छोटा कपडा भी उन गरीब की बहु बेटी की साडी से बहोत महगा रहता हे शायद समजलो के ५००० से लेकर १५००० तक का ये अमेरिकन कम्पनी का पहनते हे ये लोगो ने अग्रेजो के साथ मिलकर भारत को लुटा बाद में नेता ओके साथ मिलकर भारत को लुटा जिस ध्येय को लेकर हम आजाद हुए थे वो ध्येय कहा खो गया हे आजतक पता ही नहीं चला हे दरिद्रता दूर करने के लिए योजना भी इं लोगो ने बहोत बांयी पर गरीबो को इन योजना के पैसे से भी लुटा इन लोगो ने तो भारत को बेच के रखा था क्यों के भारत की आजदी के बाद इन्हें पूरी तरह से लुट ने की तयारी थी इस लिए भारत को आजद करने से विस्टन चर्चिल ने मना किया था और ये लोग सता पे बेठ गए हे अब तो इस देश को राम बचाए ऐ पुराणी कहावत हे के जहा "राजा व्यापारी तो प्रजा भिखारी "यहाँ के राजा व्यापारी बन गये हे और संसद मंदी बन गई हे याने के आधुनिक रूप में नेता प्रजा के लिए नहीं बलके पैसे के लिए उद्योगपति का काम कर रहे हे और देश के सब लोगोको गुलाम बनाने की साजिश हो रही हे इन भारत के उद्योगपति की अधि कामयाबी भी मिल गई हे याने